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सैमसंग इंडिया ने लॉन्च किया सैमसंग ई.डी.जी.ई. कैम्पस प्रोग्राम का पांचवां संस्करण
युवा प्रतिभाओं को वास्तविक जीवन की मुश्किलें हल करने के लिए किया आमंत्रित
इस वर्ष शीर्ष बी-स्कूलों, इंजीनियरिंग कॉलेजों और डिजाइन स्कूलों सहित 20 कैम्पस के छात्र लेंगे हिस्सा
भारत. भारत के सबसे भरोसेमंद कन्ज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्टफोन ब्रांड सैमसंग, ने अपने अखिल भारतीय कैंपस प्रोग्राम सैमसंग ई.डी.जी.ई. के पांचवें संस्करण की शुरुआत की है। देश के शीर्ष कॉलेजों की श्रेष्ठ प्रतिभाएं यहां वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करेंगी। यहां वे सैमसंग के टॉप लीडर्स से मुलाकात करेंगे और समस्या का अनूठा समाधान प्रदान करेंगे।
इस वर्ष, शीर्ष बी-स्कूल्स, इंजीनियरिंग कॉलेजों और डिजाइन स्कूल्स सहित 20 कैंपस के छात्र इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम वर्चुअल स्वरूप में होगा।
यह प्रोग्राम तीन राउंड का है। पहला राउंड आइडिएशन का है, इस राउंड में टीम के सदस्य एक साथ आकर एक एक्जीक्यूटिव केस समरी तैयार करते हैं। कैंपस राउंड में शॉर्टलिस्ट की गई टॉप टीमें केस स्टडी पर काम करती हैं, और रीजनल राउंड में अपने विस्तृत सॉल्यूशन प्रस्तुत करती हैं।
रीजनल राउंड के अंत में, शीर्ष 8-10 टीमों को चुना जाता है और उनके संबंधित समाधानों पर सैमसंग लीडर्स द्वारा सलाह दी जाती है। फिनाले की 8-10 टीमें नेशनल राउंड में अंतिम तीन विजेता टीमों में शामिल होने के लिए संघर्ष करती हैं।
श्री केन कांग, प्रेसिडेंट एवं सीईओ, सैमसंग एसडब्ल्यूए ने कहा, “सैमसंग में, हम जो भी कुछ करते हैं इनोवेशन उसके केंद्र में होता है। प्रत्येक प्रोग्राम के साथ हमारी यही कोशिश होती है कि हम भारत की युवा प्रतिभाओं को उभार सकें और इनोवेशन के लिए उन्हें प्लेटफॉर्म प्रदान करें।
पिछले कुछ वर्षों में, सैमसंग ई.डी.जी.ई. एक ऐसा माध्यम बनकर सामने आया है, जहां छात्रों को वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने के लिए प्लेटफॉर्म मिलता है। आज जहां हम इस प्रोग्राम के पांचवें संस्करण में प्रवेश कर रहे हैं, हम छात्रों से और भी अधिक व्यावहारिक समाधान प्राप्त करने के लिए आशान्वित हैं।”
प्रोग्राम के लिए, छात्र अपने कैम्पस के भीतर विभिन्न वर्षों/स्पेशिलाइजेशन से संबंधित तीन सदस्यों की एक टीम बना सकते हैं। आइडियेशन राउंड में, टीमों से अनुसंधान, विश्लेषण, विचार-मंथन और सबसे नवीन दृष्टिकोण तैयार करने और ऐसी एक्जिक्यूटिव समरी प्रस्तुत करने की उम्मीद की जाती है जो प्रस्तावित रणनीति को व्यापक रूप से परिभाषित करती है। इसके बाद सैमसंग लीडर्स और मैनेजर्स की ज्यूरी कैंपस टीमों को रीजनल राउंड में प्रतिनिधित्व करने के लिए शॉर्टलिस्ट करेगी।
2019 में, सैमसंग ई.डी.जी.ई. में 1,291 टीमों के 3,873 छात्रों ने भागीदारी की। इन टीमों ने देश के 20 प्रमुख संस्थानों का प्रतिनिधित्व किया। इस वर्ष की थीम स्थानीय समुदायों के लिए ’ड्राइविंग फॉर चेंज’ थी, जिसमें प्रतिभागियों को स्थानीय महत्व की सूक्ष्म समस्याओं को हल करने और अभिनव समाधान प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया गया था।
इसकी विजेता आईआईएम लखनऊ की टीम ‘स्काईफोर्स’ बनी, इस टीम में हिमशिखा, अभिलाष I और निथिया सीएच शामिल हैं। इस टीम ने आशा (मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता) कार्यकर्ताओं को और अधिक कुशल बनाने के लिए एक समाधान प्रस्तुत किया है।
आशा कार्यकर्ता भारत भर में मौजूद सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता हैं। टीम ने आशा कार्यकर्ताओं के सामने आने वाली समस्याओं जैसे ट्रैकिंग, सूचना विषमता, और मैनुअल डेटा रजिस्ट्रेशन आदि का एक टेक्नोलॉजी बेस्ड सॉल्यूशन सामने रखा। कैंपस प्रोग्राम का फिनाले गुरुग्राम में हुआ था।
दिसंबर 2016 में शुरू हुआ, सैमसंग ई.डी.जी.ई. अपनी तरह का पहला कैम्पस प्रोग्राम है जो देश के प्रतिभाशाली छात्रों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, सार्थक विचारों का आदान-प्रदान करने और अपने करियर की एक बेहतर शुरुआत करने का अवसर प्रदान करता है।


